मुंबई|हमारे भारत देश में नारी को देवी का दर्जा दिया जाता है। पराई स्त्री को माँ के समान मानने की हमारे देश की संस्कृति रही है। देश को आज़ादी दिलाने में भी महिलाओं की अहम भूमिका रही है। देश के निर्माण में महिलाओं का बहुत बड़ा योगदान है। लेकिन आज हमारे देश में उन्हीं महिलाओं पर अत्याचार हो रहा है। महिलाओं को बाहर न जाने दिया जाए, चूल्हा और बच्चा इस के बाहर की दुनिया के बारे में जानने न दिया जाए, ऐसी सोच रखने वाले लोग आज केंद्र में सत्ता में बैठे है। उन सबको सत्ता से उखाड़ फेक महिलाओं को सन्मान दिलाने का काम हमें करना है, यह बयान मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष भाई जगताप ने आज मुंबई में दिया। वे मुंबई महिला कांग्रेस द्वारा कलिना सांताक्रुज स्थित भीमछाया सांस्कृतिक केंद्र में महिलाओं के लिए आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इस कार्यक्रम में भाई जगताप समेत मुंबई कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष चरण सिंह सप्रा, पूर्व मंत्री असलम शेख, मुंबई महिला कांग्रेस अध्यक्ष अनीशा बागुल, मुंबई कांग्रेस के कोषाध्यक्ष भूषण पाटिल, महासचिव संदेश कोंडविलकर, एआईसीसी सचिव सुशीबेन शाह, पूर्व नगरसेवक ट्यूलिप मिरांडा, मुंबई की सभी महिला पदाधिकारी और महिला कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद थीं।
भाई जगताप ने आगे कहा कि, मनुष्य जब सीखता है, तो वह स्वयं सीखता हुआ बड़ा होता है। स्वयं की उन्नति करता है। लेकिन जब एक महिला सीखती है, तो उसका पूरा परिवार सीखता है। जब एक महिला आगे बढ़ती है और बड़ी होती है। तब वह पूरे समाज को बड़ा बनाता है। महिलाओं में समाज को आकार देने की शक्ति होती है। जब कांग्रेस ने महिलाओं के लिए 50% आरक्षण का प्रस्ताव रखा था, उस वक्त आज सत्ता में बैठे भाजपा के नेताओं ने उनका विरोध किया था। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा महिलाओं को सम्मान दिया है। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी का सपना है कि विधान सभा और लोकसभा में 50% महिलाओं का सहभाग हों। उस सपने को साकार करने के लिए हमें काम करना होगा। आज हमारे नेता सांसद राहुल गांधी पूरे भारत में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान 3900 किलोमीटर पैदल चले। वह किस के लिए चले? राहुलजी हमारे लिए चले, महिलाओं के सम्मान के लिए चले, देश को जोड़ना के लिए चले। हमें हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के जरिए उसी काम को जारी रखना हैं। देश को बदलने का और देश को जोड़ने का बीड़ा हमारे नेता सांसद राहुल गाँधी ने उठाया है, वही काम हमें हाथ से हाथ जोड़ो अभियान के माध्यम से आगे जारी रखना है और हम जारी रखेंगे।