धीरेंद्र शास्त्री को कार्यक्रम की अनुमति देकर वारकरी संप्रदाय का भाजपा सरकार ने किया अपमान: अतुल लोंढे

  • बागेश्वर धाम के भोंदू बाबा का समर्थन, भाजपा की मनुवादी सोच पर मुहर

मुंबई। जगतगुरु संत तुकाराम महाराज और वारकरी आंदोलन की एक महान परंपरा है, जिससे महाराष्ट्र समेत पूरा देश लाभान्वित हुआ है। महान साधु-संतों की भूमि महाराष्ट्र में आज उनका अपमान करने वाले भोंदू बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम की खुलेआम अनुमति दी गई है। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता अतुल लोंढे ने शिंदे –बीजेपी सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि बागेश्वर धाम के भोंदू बाबा के कार्यक्रम की अनुमति देकर शिंदे- फडणवीस सरकार ने संत तुकाराम महाराज और वारकरी समाज का अपमान किया है।
इस संबंध में आगे बोलते हुए अतुल लोंढे ने कहा कि जगतगुरु संत तुकाराम महाराज का अपमान करने वाले धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ राज्य सरकार ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है । बल्कि मीरा रोड में शास्त्री के दो दिवसीय कार्यक्रम की अनुमति दे दी गई। कांग्रेस पार्टी ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को एक पत्र लिख कर इस कार्यक्रम की अनुमति नहीं दिए जाने की मांग की थी। भले ही कुछ संगठनों ने इस कार्यक्रम का विरोध किया है, लेकिन बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा इस कार्यक्रम की अनुमति देने से एक बार फिर इस बात पर मुहर लग गई है कि बीजेपी मनुवादी सोच से काम करती है। अतुल लोंढे ने कहा कि वारकरी संप्रदाय ने कभी जातिवाद को नहीं देखा। बीजेपी सरकार ने बाबा बागेश्वर के कार्यक्रम को अनुमति देकर यह साबित कर दिया है कि वह संत तुकाराम महाराज और वारकरी पंथ की विरोधी है। यह साफ़ हो गया है कि बीजेपी को जातिवाद को न मानने वाले और एक दूसरे को माउली कहने वाले वारकरी संप्रदाय की जरुरत नहीं है, बल्कि उन्हें बागेश्वर धाम के भोंदू बाबा जैसे मनुवाद और जातिवाद को बढ़ावा देने के अलावा धर्म के आधार पर कलह पैदा करने वाले लोग चाहिए।

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