नालासोपारा के निपेश भाटिया ने संभाल रखा है पुरातन धरोहरों का खजाना
सिक्कों से लेकर विंटेज ऑयल लैम्प्स तक, 1995 से कर रहे हैं संग्रह
नालासोपारा (पूर्व) : जहां आधुनिकता की रफ्तार में लोग पुरानी चीज़ों को भुला देते हैं, वहीं वसई (पूर्व) के लिंक रोड निवासी निपेश भाटिया बीते 30 वर्षों से प्राचीन धरोहरों को संजोने का अद्भुत काम कर रहे हैं। 
उनका यह शौक वर्ष 1995 से शुरू हुआ और आज उनके पास एक ऐसा अनोखा संग्रह है, जो इतिहास और संस्कृति की झलक दिखाता है।
भाटिया के खजाने में पुराने सिक्के, करंसी नोट्स, विंटेज तस्वीरें, अखबारों की कतरनें, प्राचीन रेडियो, घड़ियाँ, पीतल–कांसा–तांबा–लोहा और लकड़ी से बनी वस्तुएँ शामिल हैं।
इतना ही नहीं, उनके पास पुराने पूजा के बर्तन, रसोई के उपकरण, अनाज नापने के माप, भगवान की मूर्तियाँ और तेल के दीये भी सुरक्षित हैं।
उनकी कलेक्शन की सबसे खास पहचान है – विभिन्न देशों के विंटेज ऑयल लैम्प्स का दुर्लभ संग्रह। यह न केवल कला और परंपरा को उजागर करता है, बल्कि बीते दौर की तकनीक और संस्कृति की भी झलक पेश करता है।
निपेश भाटिया का मानना है
“एंटीक वस्तुएँ केवल सामान नहीं होतीं, बल्कि यह हमारे अतीत, इतिहास और संस्कृति की जीवंत धरोहर हैं। इन्हें सहेजना आने वाली पीढ़ियों के लिए एक जिम्मेदारी है।” 
टिया के इस जुनून और लगन की चर्चा स्थानीय स्तर पर खूब हो रही है। लोग उनके संग्रह को देखकर प्रभावित होते हैं और इसे वसई की सांस्कृतिक धरोहर करार देते हैं।
