बाबूजी की सोलहवीं पुण्यतिथी संपन्न!!

श्री नरसिंह के. दुबे चॅरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज एवं रुग्णालय द्वारा परम पूज्यनीय “बाबूजी” स्वर्गीय श्री नरसिंह के. दुबे जी के 16 वें पुण्यस्मरण के उपलक्ष्य में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी 28 जनवरी 2025 को सुबह 10.00 बजे से रात 10.00 बजे तक विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया l इसमे नि:शुल्क चिकित्सा शिबिर, सुदृढ बालक प्रतियोगिता,पचन संस्थान पर आधारित वनौषधीयों की प्रदर्शनी, संभाषा प्रतियोगिता,भावपूर्ण श्रद्धांजली, विशुद्ध भोजपुरी /अवधी कवी संमेलन आदी कार्यक्रमों का आयोजन किया गया l कार्यक्रम की शूरुवात दीप प्रज्वलन एवं धन्वंतरी पूजन से की गई l

 

नि:शुल्क चिकित्सा शिबिर में 1156 मरीजोंने विभिन्न चिकित्सा का लाभ लिया l जिसमे रक्त परीक्षण, इसीजी,एक्स-रे आदि नि:शुल्क परीक्षण चिकित्सकों के सलाह के अनुसार किया गया l जिन को शस्त्रकर्म की आवश्यकता थी वह सभी शस्त्रकर्म एक सप्ताह में निशुल्क किये जायेंगेl किफायती दाम में चष्मा वितरण भी किया गयाl

 

महाविद्यालय के सभागृह में सुदृढ बालक प्रतियोगिता संपन्न हुईl वसई के प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. प्रेरणा मांजलकर,नालासोपारा के प्रसिद्ध बालरोग तज्ञ डाॅ.अखिलेश सरोज इन निर्णायकों ने बालकों का चयन कियाl
इस प्रतियोगिता मे प्रथम पुरस्कार 1501/-द्वितीय पुरस्कार 1001/- तृतीय पुरस्कार 751/- प्रमाणपत्र एवं ट्रॉफी देकर विजेताओ को पुरस्कृत किया गया l

6 माह से 2 साल तक के गट में – श्रीयंम अमित दुबे, द्वितीय पारितोषिक -योसंज सचिन कांबळे, तृतीय पारितोषिक. – आर्यमन विशाल दुबे इनको दिया गया l

2 साल से 3 साल तक में प्रथम पारितोषिक – अनघ अनुज दुबे, द्वितीय पारितोषिक – व्योम बिस्ट, तृतीय पारितोषिक -धृति गुप्ता इनको दिया गया l

3 साल से 5 साल तक के गट मे प्रथम पारितोषिक – इरा राहुल वर्तक, द्वितीय पारितोषिक – शिवाय धीरेन मिश्रा, तृतीय पारितोषिक- अद्विता दुबे इन्हें देकर पुरस्कृत किया गया

 

                                                 

संभाषा प्रतियोगिता में प्राथमिक दौर में चयनित 66प्रतियोगियों में से 15 प्रतियोगियों ने अंतिम दौर में हिस्सा लिया l इसमे महाराष्ट्र राज्य के सभी वैद्यकीय, डेंटल ,आयुर्वेद होमिओपॅथी, नर्सिंग,फिजिओथेरपी एवं अन्य क्षेत्र के विद्यार्थीयों ने सहभाग लिया l संभाषा प्रतियोगिता के लिये चार विषय दिये गये थे l
1) किशोरावस्था में लैंगिक शिक्षा की आवशकता
2) आयुर्वेद में भविष्य के लिए नवाचार
3) बुद्धि को प्रभावित करने वाले रील्स/लघु वीडियो
4) क्या AI रचनात्मक कौशल को ख़त्म कर रहा है?
प्रतियोगिता के निर्णायक सामाजिक, शैक्षिक, चिकित्सा और पत्रकारिता क्षेत्र के निम्नलिखित गणमान्य व्यक्तियों को संभाषा प्रतियोगिता के लिए निर्णायक के रूप में आमंत्रित किया गया है।

 

श्री.रामव्यास उपाध्याय,संस्कृत एवं हिन्दी भाषा के विशेषज्ञ (साहित्याचार्य),मुंबई
डॉ.संजय मांजलकर,प्रसिद्ध स्त्रीरोग विशेषज्ञ, वसई
श्री.अनिलराज रोकड़े,वरिष्ठ पत्रकार,वसई इन्होने शब्दोच्चार, आत्मविश्वास, विषय का चयन, प्रभाव आदी गुणवत्ता के अनुसार स्पर्धकों को प्रथम, द्वितीय, तृतीय व उत्तेजनार्थ पुरस्कार के लिए चुना l

प्रथम पारितोषिक स्वरा कृष्णा सावंत अण्णासाहेब वर्तक महाविद्यालय वसई को,10,000/-रु
स्मृतीचिन्ह व प्रमाणपत्र,

द्वितीय पारितोषिक गायत्री प्रभात देसले,
येरला मेडिकल ट्रस्ट आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज खारघर को
7000/- रु. स्मृतिचिन्ह व प्रमाणपत्र,

तृतीय पारितोषिक साक्षी वैष्णवीप्रसाद रानडे नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को 5000 /- रु. स्मृतीचिन्ह व प्रमाणपत्र!

उत्तेजनार्थ दिव्या दिपक पाटील
नालासोपारा आयुर्वेद मेडिकल कॉलेज को 3000/- रु. स्मृतीचिन्ह व प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया गया l

संस्था के अध्यक्ष माननीय श्री जयप्रकाश दुबे जी एवं सभी निर्णायकों द्वारा मिलकर पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम संपन्न हुआ l
पारितोषिक वितरण के पश्चात परम पूज्यनीय बाबूजी के स्मृती को भावपूर्ण श्रद्धांजली व्यक्त की गई। इस सभा में सभी अध्यापक, विद्यार्थी, कर्मचारी एवं नालासोपारा-मुंबई परिसर की जनता उपस्थित थीl
तत्पश्चात भोजपुरी / अवधी कवी संमेलन का आयोजन किया गया उसमें मुंबई, उत्तर प्रदेश, बिहार के कवि श्री. राम सिंह – जौनपुर/गोरेगाव, मुंबई,कवि श्री. रासबिहारी पांडे भभुआ/नालासोपारा, महाराष्ट्र ,कवि “निडर जौनपुरी” वाराणसी /मुंबई महाराष्ट्र ,कवि शिवप्रकाश पांडे “जमदग्नीपुरी” जौनपूर/ नालासोपारा, महाराष्ट्र,कवि श्री अरुण दुबे ,सुल्तानपुर / नालासोपारा महाराष्ट्र, कवयित्री श्रीमती किरण तिवारी जौनपूर /नालासोपारा, महाराष्ट्र,श्री.जवाहरलाल शर्मा “निर्झर” मऊ/ जोगेश्वरी, मुंबई,श्री.जिया उल हक छपरा / नेरूळ,नवी मुंबई इन्होंने अपनी भोजपुरी अवधी कविताओं से दर्शकों का मनोरंजन किया और उन्हें भोजपुरी अवधी भाषा से जोड़ने का प्रयास किया l कवियोंने हास्य,व्यंग, करूण, शृंगार एवं वीर रस की कविताओं से श्रोताओंको मंत्रमुग्ध कर दियाl सभी भोजपुरी/अवधी भाषिक महिलाओं एवं पुरूषोंने कवी संमेलन का भरपूर लुत्फ उठाया l। कवी संमेलन का संचालन प्रो.डॉ. चंद्रभूषण शुक्ला ने किया l पश्चात”स्वरूची भोज” से कार्यक्रम संपन्न हूआ l

 

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