बिहार के पीड़ित छात्रों से मिले राहुल गांधी, बोले- लाठी और गोलियां चलाने की क्या जरूरत थी?

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बिहार में छात्रों के प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष परीक्षा और अपने अधिकार मांगने वाले युवाओं को लाठियों और गोलियों का सामना करना पड़ा. राहुल ने आरोप लगाया कि एक युवक का पैर एके-47 की गोली से टूट गया और उसका सेना में जाने का सपना भी टूट गया.राहुल गांधी ने कहा कि वह इन युवाओं के साथ खड़े हैं और हर संभव मदद करेंगे (Photo-X/@RahulGandhi)

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने गुरुवार को पेपर लीक के खिलाफ आवाज उठाने वाले बिहार के पीड़ित छात्रों और युवाओं से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने बिहार सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि अपने अधिकारों और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग कर रहे निहत्थे छात्रों पर पुलिस ने लाठियां चलाईं और AK-47 व पिस्तौल से गोलियां दागकर कई युवाओं को घायल कर दिया.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने लिखा, ‘बिहार के उन छात्रों और युवाओं से मिला, जिन्होंने सिर्फ परीक्षा व्यवस्था में धांधली के खिलाफ आवाज़ उठाने पर भयंकर पुलिस बर्बरता झेली. पुलिस की लाठियों, AK-47 और पिस्तौल से चली गोली ने कई छात्रों को घायल कर दिया.

राहुल गांधी ने एक युवा का जिक्र करते हुए कहा कि वह सेना में जाकर देश की सेवा करना चाहता था, लेकिन एके-47 से गोली लगने के कारण उसका पैर टूट गया. उन्होंने कहा कि गोली ने सिर्फ उसका पैर ही नहीं तोड़ा, बल्कि उसके जीवन का सपना भी तोड़ दिया.

सरकार अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराकर नहीं बच सकती

‘राहुल गांधी ने सवाल उठाया कि जब युवा सिर्फ निष्पक्ष अवसर, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और अपने अधिकारों की मांग कर रहे थे, तो उन पर लाठियां और गोलियां चलाने की जरूरत क्यों पड़ी. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी कार्रवाई की जिम्मेदारी केवल कुछ छोटे अधिकारियों पर डालकर सरकार अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकती. यह कार्रवाई या तो ऊपर से मिले आदेश का नतीजा है या फिर सत्ता की घोर नाकामी.

कांग्रेस नेता ने कहा कि बिहार सरकार कुछ भी कर ले, वह इन युवाओं के साथ खड़े हैं और उनकी हर संभव मदद करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने बीजेपी को चेतावनी देते हुए कहा कि युवाओं की आवाज दबाने वाली हर सत्ता को एक दिन जनता के सामने जवाब देना पड़ता है और वह दिन अब दूर नहीं है.बिहार में पेपर लीक के विरोध में हुआ था प्रदर्शनबता दें कि बिहार में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था के खिलाफ छात्रों का आंदोलन हुआ था.

25 जुलाई को नीट पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के विरोध में एआईएसए समेत वामपंथी संगठनों ने बिहार बंद का आह्वान किया था. इस दौरान सीवान समेत कई जिलों में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़पें हुई थीं.सीवान में प्रदर्शन के दौरान एक पुलिस कांस्टेबल का एके-47 लहराते और फायरिंग करते हुए वीडियो सामने आया था

. बिहार सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया था कि 22 से 25 जुलाई के बीच प्रदर्शनों को लेकर कुल 69 एफआईआर दर्ज की गईं और करीब 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया. सरकार के मुताबिक, 18 साल से कम उम्र के उन बच्चों को, जिनका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, साधारण बॉन्ड भरवाकर छोड़ दिया गया.

बिहार सरकार ने अदालत को बताया था कि सीवान में भीड़ में फंसने के बाद एक कांस्टेबल ने अपनी एके-47 से हवा में चार राउंड फायर किए थे. सरकार के अनुसार इस फायरिंग में कोई घायल नहीं हुआ था. घटना के बाद कांस्टेबल को निलंबित कर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू की गई. एक अन्य घटना में हाथी चौक पर एक एएसआई ने 9 एमएम पिस्टल से दो राउंड फायर किए थे. सरकार के मुताबिक, इसमें तीन प्रदर्शनकारियों को छर्रे लगे थे. पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया था

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